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जी राम जी योजना की जानकारी गांव गांव घर-घर तक पहुंचाने के लिए भाजपा संगठन ने जिला स्तरीय टोली का किया गठन।

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जी राम जी योजना की जानकारी गांव गांव घर-घर तक पहुंचाने के लिए भाजपा संगठन ने जिला स्तरीय टोली का किया गठन।

खंडवा। विकसित भारत गारंटी फाॅर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण वीपी राम जी योजना लोकसभा से स्वीकृत होकर होकर गांव गांव तक पहुंचेगी। शासकीय रूप से देश देश में इसका क्रियान्वयन तो होगा ही लेकिन भाजपा प्रदेश संगठन ने भी इस योजना की जानकारी गांव-गांव घर-घर तक पहुंचाने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर प्रदेश के प्रत्येक जिले में इस योजना को लेकर जिला स्तरीय टोली का गठन किया गया है। प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल के निर्देश पर भाजपा जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर ने जी राम जी योजना हेतु जिला स्तरीय टोली का गठन कर उसमें जिला संयोजक जिला महामंत्री सूरजपाल सिंह सोलंकी को नियुक्त किया है, साथ ही सहसंयोजक के रूप में जिला पंचायत के उपाध्यक्ष का दिव्या दित्य शाह, तपन डोंगरे, राजेंद्र सिंह ठाकुर को नियुक्त किया है। जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर ने बताया कि वीबी-जी रामजी योजना वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार कर गांव को समृद्ध बनाएगी। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को न्यूनतम 125 दिन रोजगार या आजीविका का अवसर वैधानिक अधिकार है। महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजातियों, खानाबदोस, महिला मुखिया परिवार, दिव्यांग मुखिया परिवार, छोटे व सीमांत किसानों के लिए भी रोजगार का प्रावधान किया गया है। अकुशल शारीरिक कार्यों की मजदूरी दरें केंद्र सरकार तय करेगी। प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि यह योजना पंचायती राज को मजबूत करेगी कांग्रेस कल में किस योजना में 35000 करोड रुपए मिलते थे अब 95000 करोड रुपए इस योजना में खर्च किए जाएंगे जिससे गांवो में विकास दिखेगा। महात्मा गांधी मनरेगा मे पात्र मजदूरों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी देता है, जबकि नई योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। पुरानी योजना में वर्ष में कभी भी मजदूरी प्राप्त किया जा सकता है, जबकि नई योजना में कृषि के व्यस्ततम समय जैसे बुवाई, कटाई के दौरान पर्याप्त कृषि श्रमिकों की उपलब्धता को भी सुनिश्चित किया गया है। नई योजना में राज्यों को 60 दिन अधिसूचित करने का प्रावधान है, जिसके अंतर्गत फसलों की बुवाई, कटाई के समय को सम्मिलित कर खेती के लिए मजदूरों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा सकेगी। इस तरह 125 दिन के साथ मजदूरों को 60 दिन खेती किसानी में भी कार्य करने के लिए मिलेंगे। नई योजना में मजदूरी समय पर देने का प्रावधान किया गया है।

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